
A | राज्य ब्यूरो, रांची। विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के साथ-साथ अब प्रति कुलाधिपति भी होंगे। राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होंगे। वे दीक्षा समाराेह की अध्यक्षता करेंगे। वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री प्रति कुलाधिपति होंगे। वे सीनेट की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। राज्य सरकार द्वारा विधानसभा से पारित किए गए झारखंड विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 में इसका प्रविधान किया गया है। विधानसभा से पारित विधेयक में राज्यपाल की शक्तियां घटाई गई हैं। यहां तक कि कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति में भी उनकी कोई शक्ति नहीं रह गई है। वे केवल कुलपति की नियुक्ति के लिए गठित होनेवाली सर्च कमेटी में एक सदस्य का मनोनयन कर सकेंगे। विभाग के प्रधान सचिव या सचिव इस सर्च कमेटी के अध्यक्ष होंगे। अन्य दो सदस्यों में राज्य सरकार द्वारा मनोनीत उच्च शिक्षण संस्थान के निदेशक तथा यूजीसी के प्रतिनिधि होंगे।,इसमें यह भी प्रविधान किया गया है कि सर्च कमेटी द्वारा कुलपति की नियुक्ति के लिए तैयार किए जानेवाले पैनल के निर्णय में समान मत होता है तो अध्यक्ष यानी विभागीय सचिव को निर्णायक मत देने का अधिकार होगा। सर्च कमेटी द्वारा उपलब्ध कराए गए पैनल से राज्य सरकार कुलपति की नियुक्ति करेगी।,कुलपति पद के लिए आवेदन करनेवाले व्यक्ति की आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होगी। कुलपति की नियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी। राज्य सरकार चाहे तो उसका तीन वर्ष का कार्यकाल संतोषजनक पाए जाने पर उसे अधिकतम दो वर्ष तक के लिए सेवा विस्तार दे सकेगा।,यदि उसकी आयु 70 वर्ष से अधिक न हो। विधेयक में यह भी प्रविधान किया गया है कि कुलपति की संबंधित विश्वविद्यालय में पुनर्नियुक्ति नहीं होगी। हालांकि वह अन्य विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्ति के लिए पात्र होगा। विश्वविद्यालयों में अब कई निदेशक के पद होंगे। अंगीभूत कालेजों के नियमन के लिए निदेशक, क्षेत्रीय केंद्रों के लिए भी निदेशक होंगे। इसी तरह, विश्वविद्यालय के अन्य कार्यों के निष्पादन के लिए भी निदेशक नियुक्त होंगे।。

B | डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। युद्धविराम की चर्चाओं के बीच रूस की सेना यूक्रेन के एक नए हिस्से में घुस गई है। रूसी सेना ने डोनेस्क प्रांत के निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र के कई गांवों पर कब्जा कर लिया है। जिस इलाके पर कब्जा हुआ है वह यूक्रेन का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यूक्रेन का यह आठवां भाग है जहां पर रूसी सेना लड़ते हुए आगे आई है।,पता चला है कि डोनेस्क के कई मोर्चों पर रूस और यूक्रेन की सेनाओं में भीषण लड़ाई चल रही है। रूस ने युद्धविराम के लिए यूक्रेन के समक्ष पूरा डोनेस्क प्रांत छोड़ने की शर्त रखी है जिसके लिए यूक्रेन तैयार नहीं है। पिछले कई महीनों की लड़ाई के परिणामों से यूक्रेनी सेना काफी तनाव में है। वह हाथ से गए इलाकों को वापस लेने की कोशिश कर रही है, इसके विपरीत पास की जमीन उसके हाथ से खिसकती जा रही है।,इसका मतलब यह नहीं कि यूक्रेन की सुरक्षात्मक पंक्ति पूरी तरह से कमजोर है और रूस की सेना तेजी से आगे बढ़ रही है। क्योंकि रूस की सेना को कस्बों और शहरों में घुसने में बेहद कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। सीमा के नजदीक स्थित यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खार्कीव पर कब्जे की रूसी सेना युद्ध की शुरुआत से ही कोशिश कर रही है लेकिन साढ़े तीन वर्ष की लड़ाई में उसे सफलता नहीं मिल पाई है।,दोनों देशों की सेनाओं के दसियों हजार सैनिक यूक्रेन की एक हजार किलोमीटर लंबी पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी सीमा पर लड़ रहे हैं। जिन इलाकों में लड़ाई चल रही है उनमें सुमी, खार्कीव, लुहांस्क, डोनेस्क, जपोरीजिया, खेरसान और मीकोलेव हैं। रूस ने यूक्रेन की 20 प्रतिशत भूमि पर कब्जा कर लिया है और उसकी सेना निरंतर आगे बढ़ रही है।,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रयासों में शामिल होते हुए रूस ने पहले शांति समझौता और उसके बाद युद्धविराम की बात कही है जबकि यूक्रेन पहले युद्धविराम चाहता है और उसके बाद शांति समझौता चाहता है। बुधवार को रूस ने साफ कर दिया कि यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने के मामले में उसे यूरोपीय देशों या नाटो का दखल मंजूर नहीं है। शर्तों के अनुसार समझौता होता है तो वह अमेरिका के साथ मिलकर यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने को तैयार है।,अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हुए तो रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। वे प्रतिबंध बहुत ज्यादा गंभीर होंगे लेकिन चाहता हूं कि उनकी जरूरत न पड़े और बातचीत से युद्ध खत्म हो जाए। संवाददाताओं से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वह रूस पर दबाव के लिए आर्थिक प्रतिबंधों की बात कर रहे हैं किसी अन्य तरीके की नहीं, हम विश्वयुद्ध नहीं छेड़ना चाहते हैं।,कहा, वह चाहते हैं कि एक बार रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से आमने-सामने की वार्ता हो जाए लेकिन पुतिन इसके तैयार नहीं हैं। वह पहले कुछ ठोस निर्णय चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की भी मासूम नहीं हैं, वह भी गतिरोध खत्म करने में पर्याप्त सहयोग नहीं दे रहे हैं। ट्रंप ने ये बातें मंत्रियों और उच्चाधिकारियों के साथ बैठक के बाद कही हैं।,(न्यूज एजेंसी एपी के इनपुट के साथ) यह भी पढ़ें- दोहरी चाल चल रहा अमेरिका, यूक्रेन शांति वार्ता के बीच ट्रंप ने की थी रूस से ऊर्जा सौदों पर चर्चा。

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Published on:00:06:57
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